बिहार में पुल निर्माण का काला अध्याय फिर से जुड़ गया। गोपालगंज के गंगवा गांव में घोघारी नदी पर 2 करोड़ 7 लाख रुपये की लागत से बन रहे पुल का एक हिस्सा कंक्रीट डालते समय धराशायी हो गया। सिधवलिया ब्लॉक के इस प्रोजेक्ट पर बापूधाम कंस्ट्रक्शन काम कर रही थी।
भाग्यवश कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन हादसे ने विकास कार्यों पर सवालिया निशान लगा दिया। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच टीम गठित कर दी। दोषी इंजीनियरों व ठेकेदार पर कार्रवाई का ऐलान किया गया।
शुरुआती जांच में तीन लोग निलंबित हो चुके हैं। मजदूरों के अनुसार, सेंटरिंग कमजोर होने से स्लैब गिर पड़ा। धूल के गुबार में सभी भागे, लेकिन चोट किसी को नहीं आई।
ग्रामीण भड़क गए हैं। घटिया माल और निरीक्षण की कमी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ‘अभी गिर गया वरना ट्रैफिक में बड़ा हादसा हो जाता,’ यही उनकी प्रतिक्रिया है।
कार्य स्थगित कर दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ असफलता के कारण खोज रहे हैं। बिहार में बार-बार हो रहे ऐसे हादसे गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल खड़े करते हैं। दोषियों को सजा देकर ही भरोसा बहाल हो सकेगा।