कर्नाटक भाजपा ने सोमवार को बेंगलुरु प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम सिद्धारमैया पर गंभीर आरोप लगाए। विपक्ष नेता आर अशोक ने खुलासा किया कि सिद्धारमैया ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार पर नजर रखने को एसपी की अगुवाई में अनधिकृत टीम बनाई। सीएम पद के दावेदार शिवकुमार पर यह निगरानी पार्टी में तनाव बढ़ा रही।
‘फोन टैपिंग और फंड रोकने वाली यह छिपी एसआईटी है,’ अशोक ने चेतावनी दी। गारंटी स्कीम्स पर पलटी मारते हुए कांग्रेस अमीरों से सब्सिडी त्यागने को कह रही, जो वोट डलवाने वाले वादों का अपमान है। सिद्धारमैया ने सभी वर्गों को लाभ का आश्वासन दिया था।
मोदी जी की गैस सब्सिडी अपील से तुलना गलत ठहराई। 37 हजार करोड़ के ठेकेदार बकाये घोषणापत्र फेलियर साबित करते हैं। सिद्धारमैया बोम्मई सरकार को कोस रहे, जिन्होंने कोविड बाद साफ बजट दिया।
हिंदू हमलों में इजाफा, बेंगलुरु कचरा म mess, रेवेन्यू ई-खाता घोटाला, महिला कल्याण फंड अटके, कानून व्यवस्था ढीली—सरकार फेल। कर्ज 3.5 लाख करोड़ पर, अंत तक 6 लाख, हर नागरिक पर 1 लाख का गुल!
कांग्रेस विधायक खुले में विद्रोह कर रहे। बजट सत्र में भाजपा इन मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाएगी, वित्तीय लापरवाही और जासूसी पर सरकार घेरेंगी। राज्य को आर्थिक गर्त से बचाना हमारा संकल्प।