हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमलों ने इजरायल को उकसा दिया। दक्षिण लेबनान से दागे गए रॉकेटों के बाद आईडीएफ ने 53 गांवों के निवासियों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट होने का फरमान सुनाया। पृष्ठभूमि में ईरान के खामेनेई की मौत से उपजी खालीपन की स्थिति।
जवाबी कार्रवाई में आईडीएफ ने हिज्बुल्लाह के बेरूत, दक्षिण लेबनान के आतंकी अड्डों पर बमबारी की। सीनियर कमांडरों के ठिकाने, इंफ्रास्ट्रक्चर और कफर द’गल में राधवान ऑपरेटिव्स की गाड़ी को ध्वस्त किया गया।
01:04 बजे शुरू हुए हिज्बुल्लाह के हमले का आईडीएफ ने तुरंत करारा जवाब दिया। ऑपरेशन रोअरिंग लायन में तेहरान के ईरानी केंद्रों से लेकर लेबनान भर में सैकड़ों ठिकानों पर प्रहार हुए।
लेबनान के 53 गांव खाली कराए जा रहे हैं। सेंट्रल कमांड में फोर्स बढ़ाई गई, गाजा पट्टी की येलो लाइन संरक्षित की गई। दक्षिणी बॉर्डरों पर अरावा, इलियट, नेगेव में सैनिक भेजे गए।
पूर्व तैयारियों ने मजबूत प्रतिक्रिया सुनिश्चित की। विशेषज्ञों का मानना है कि हिज्बुल्लाह की यह घुसपैठ लेबनान-इजरायल सीमा पर लंबे संघर्ष को जन्म दे सकती है।