ईरान पर अमरीकी-इजरायली हमलों के बाद बाराबंकी के परिवार बेहाल हैं। उत्तर प्रदेश के इस जिले से 12 से अधिक लोग, जिनमें मौलाना, छात्र और अपनों सहित, ईरान के कुम शहर में मौजूद हैं। धमाकों के बाद इंटरनेट सेवाएं रुकने से उनसे सारी खबरें बंद हो गई हैं, जिससे घबराहट चरम पर है।
मौलाना जफर अब्बास उर्फ फैजी, मौलाना आबिद हुसैन काजमी, मौलाना अली मेहदी रिजवी, मौलाना सैयद काशिफ रिजवी जैदपुरी कुम में धार्मिक पढ़ाई में लगे हैं। परिवार के सदस्य उनके साथ हैं। शुरुआती हमलों में फोन पर बात हुई जिसमें शहर के बाहर विस्फोटों का जिक्र था, अंदर सब ठीक। लेकिन नेट बंद होने से अब सन्नाटा छा गया।
फैजी के भाई सदफ ने पत्रकारों से कहा कि अंतिम बात में चिंता की कोई बात नहीं थी, फिर भी संपर्क टूटने से डर बढ़ा। कटरा के मौलाना अली मेहदी के लोग भी चिंतित। मौलाना इमरान ने कुम को शांतिप्रिय शहर बताया और समस्या को इंटरनेट पर ठहराया।
मस्जिदों में दुआओं का सिलसिला चल रहा है। अधिवक्ता दिलकश रिजवी ने तनाव का जायजा लिया। बाराबंकी वासी केंद्र से मांग कर रहे हैं कि ईरान stuck भारतीयों को सुरक्षित रखा जाए और संभव हो तो देश वापसी का इंतजाम हो। अंतरराष्ट्रीय तनाव के दौर में देरी भारी पड़ सकती है।