योग के माध्यम से शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखना संभव है। पादहस्तासन एक प्रभावशाली आसन है जो सूर्य नमस्कार का हिस्सा है। प्राचीन काल से इसे सूर्य की ऊर्जा ग्रहण करने के लिए किया जाता रहा है। नियमित अभ्यास से शारीरिक लचीलापन बढ़ता है और मानसिक बोझ हल्का होता है।
खड़े होकर आगे झुकें, हाथ पैरों तक ले जाएं। यह मुद्रा रीढ़ को मजबूत बनाती है, जो डेस्क जॉब करने वालों के लिए वरदान है। स्क्रीन के सामने झुकने से होने वाली अकड़न दूर होती है।
इस आसन से पेट के अंग सक्रिय होते हैं, पाचन सुधरता है, गैस-कब्ज की समस्या खत्म होती है। कमर की चर्बी कम करने में मदद मिलती है। मासिक धर्म के दौरान दर्द से आराम देता है। सिर में खून का दौरा तेज होने से एकाग्रता बढ़ती है और चिंता दूर होती है।
आयुष विशेषज्ञ इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। हालांकि, अपनी सीमा जानें। घुटनों को मोड़ सकते हैं अगर जरूरी हो। हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या गर्भावस्था में डॉक्टर से पूछें।
सही तरीके से अपनाएं तो यह आसन जीवन को नई ऊर्जा से भर देगा। आज से शुरू करें और फर्क महसूस करें।