दिल्ली में होली की तैयारियां जोरों पर हैं, मगर चंद्र ग्रहण ने होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस पैदा कर दिया है। ब्रज मंडल में 2 मार्च को दहन हो गया, लेकिन यहां ग्रहण के बाद इंतजार।
कालकाजी पीठाधीश्वर के अनुसार, 3 मार्च को ग्रहण शाम 7 बजे समाप्त होगा। उसके बाद ही दहन शुभ माना जाएगा। पूर्णिमा 2 मार्च सायं से है, पर भद्रा और सूतक के कारण विलंब।
यह परंपरा प्रह्लाद-होलिका कथा पर आधारित है, जहां धर्म की जय हुई। अग्नि से बुरे विचार, बीमारियां जल जाती हैं, समृद्धि आती है। पूजा में काले तिल बुराई नष्ट करेंगे, नारियल वैभव प्रदान करेंगे।
शहर भर में होलिका सजाई गई हैं। 7 बजे बाद दहन से त्योहार पावनता ग्रहण करेगा, रंगों की होली को और भी उत्साही बनाएगा। पीठाधीश्वर का निर्देश सभी को राह दिखा रहा है।