भारत में ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित हत्या पर गुस्सा भड़क रहा है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 2 मार्च को छात्रों ने परिसर में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज किया। स्थानीय लोग भी इस एकजुटता का हिस्सा बने।
एक पूर्व ईरानी निवासी ने कहा, “नौ वर्ष वहां गुजारे। खामेनेई के जाने पर दिन-रात प्रदर्शन किए। हम चुप नहीं बैठेंगे।” उन्होंने कहा, “ईरान तुम्हारी साजिशों से नहीं टूटेगा। वह मजबूत जवाब देगा। खामेनेई का जज्बा अमर है।”
प्रदर्शनकारियों ने उन्हें मानवता का प्रतीक बताया। ये आयोजन भारत में मुस्लिम समुदाय की वैश्विक एकजुटता दिखाते हैं।
लखनऊ में भी व्यापक शोकसभा हुई। पुराना शहर तीन दिन बंद रहा। ऐतिहासिक इमामबाड़े बंद। मौलाना कल्बे जवाद ने व्यापारिक गतिविधियां रोकने का आह्वान किया।
काले झंडे, खामेनेई पोस्टर और विरोध में इजरायली-अमेरिकी झंडों को पैरों तले रौंदा गया। ये प्रतीकात्मक कदम शोक और आक्रोश को उजागर करते हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि शांति बनी रहे। अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर इसका असर चर्चा में है।