देश की प्रमुख जांच संस्था एनआईए ने दस साल पुराने नकली भारतीय नोट रैकेट में नेपाल के फरार आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया। बारा जिले के नूर मोहम्मद को समस्तीपुर के शाहपुर पटोरी थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया।
बयान में एजेंसी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट था और 2017 में विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर हो चुका था।
यह केस 2014 का है जब दिल्ली हवाई अड्डे पर 17-18 अप्रैल को दुबई से smuggle किए 49.88 लाख के नकली 1000 के नोट पकड़े गए। जून में कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
नूर मोहम्मद ने सहयोगियों एकरामुल व दुबई के पाकिस्तानी शफी चाचा संग साठगांठ कर नोटों का जाल बिछाया। साजिश में विदेशी मुद्रा लाने व बांटने की बैठकों का आयोजन किया गया था।
उसने खेप की डिलीवरी पर सतर्कता बरती। फरवरी में चंपारण नकली नोट मामले ने पाकिस्तान-नेपाल कनेक्शन उजागर किया।
आगे की तफ्तीश से आर्थिक अस्थिरता फैलाने वाले नेटवर्क पर लगाम लगेगी। एनआईए की यह सफलता सराहनीय है।