इजरायल और ईरान के बीच जंग गरमा गई है। इजरायल डिफेंस फोर्स ने ईरानी हमलों में आम नागरिकों की मौत पर गुस्सा जाहिर करते हुए उसे ‘टेरर स्टेट’ घोषित किया। बेत शेमेश में हालिया मिसाइल अटैक से मची तबाही ने माहौल को और भड़का दिया है।
प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘ईरान ऑपरेशन रोरिंग लायन से ही नागरिकों पर कहर बरपा रहा है। बेत शेमेश हमले में बेगुनाहों की जानें लीं। परिवारों को सांत्वना। हम इस आतंकी तंत्र को नेस्तनाबूद करेंगे।’
आईडीएफ के अनुसार, ईरान आबादी भरे इलाकों को टारगेट करता है, जबकि इजरायल सिर्फ आतंकी ठिकानों पर नजर रखता है। यह शासन मौतों को प्रचार का जरिया बनाता है।
नेतन्याहू ने ईरानियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘आने वाले दिनों में शासन के हजारों अड्डों पर प्रहार होगा। जुल्म से आजादी का दुर्लभ अवसर आपके सामने है। सड़कों पर उतर आएं।’
ईरान के प्रेसिडेंट पेजेशकियन ने जवाब में कहा कि इजरायल-अमेरिका के हमलों का बदला कानूनी अधिकार है। खामेनेई की शहादत का कर्ज चुकाना हमारा फर्ज है, जिसे हम पूरा करेंगे।
दोनों पक्षों के बयानों से युद्ध का खतरा बढ़ गया है। इजरायल की निंदा अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति लगती है।