स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 27 फरवरी को पैलेस दे नेशों में एक ऐतिहासिक बैठक हुई, जहां चीन के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने ‘वैश्विक शासन के मित्रों का समूह’ की शुरुआत की। लगभग 60 देशों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें 42 सदस्य देशों की मजबूत उपस्थिति रही।
बैठक को संबोधित करते हुए फू कॉन्ग ने अंतरराष्ट्रीय माहौल की उलझनों को रेखांकित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि वैश्विक संकट गहरा रहे हैं और इनके समाधान के लिए सामूहिक इच्छाशक्ति जरूरी है।
चीन की पहल के केंद्र में पांच प्रमुख सिद्धांत हैं: सभी देशों की संप्रभुता का आदर, कानूनी ढांचे का अनुपालन, बहुपक्षीय तंत्रों का सशक्तिकरण, लोगों को प्राथमिकता और परिणाम-उन्मुख रणनीतियां। फू कॉन्ग ने इनके माध्यम से एक बेहतर विश्व की रूपरेखा पेश की।
चीन ने घोषणा की कि वह इस समूह के जरिए वैश्विक शासन में बदलाव लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा, ताकि व्यवस्था अधिक निष्पक्ष और समावेशी बने।
अन्य प्रतिनिधियों ने सहमति जताते हुए एकजुटता और साझा प्रयासों की वकालत की। यह मंच भविष्य में संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठनों की दिशा निर्धारित करने में प्रभावी सिद्ध हो सकता है।
विकासशील राष्ट्रों के हितों को मजबूत करने वाली यह पहल, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में संतुलन लाने का वादा करती है।