वॉशिंगटन-तेहरान के बीच युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे कच्चे तेल के दामों में उछाल की आशंका है। होर्मुज स्ट्रेट प्रभावित होने पर 90 डॉलर, क्षेत्रीय युद्ध पर 100 डॉलर प्रति बैरल तक संभव। रविवार की रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई।
ब्रेंट 72.8 डॉलर पर। जवाबी कार्रवाई से 5-10 डॉलर, तेल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षति से 10-12 डॉलर की तेजी। पृष्ठभूमि: शनिवार के अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट, मिसाइल बेस और नेतृत्व ध्वस्त। खामेनेई, आईआरजीसी कमांडर शहीद। ईरान का पलटवार मिसाइल-ड्रोन से।
भारत की मुश्किल: 1 डॉलर बढ़त पर 2 अरब डॉलर का बोझ। जलडमरूमध्य से वैश्विक 20%, भारत का 40% तेल।
बाजार दिशा बदलेगा। एनर्जी-डिफेंस लाभान्वित, डाउनस्ट्रीम सेक्टर दबाव में। रुपए पर दबाव, आरबीआई अलर्ट। लंबी जंग से लॉजिस्टिक्स, समुद्री खर्च चढ़ेगा।
उत्पादक कंपनियां ओएनजीसी-ऑयल इंडिया चमकेंगी, रक्षा एचएएल-बीईएल में तेजी। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह खतरे की घंटी है।