मध्य पूर्व में तनाव चरम पर। इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर तेहरान के केंद्र में डटकर हमले शुरू किए हैं। ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ की शुरुआत के बाद यह पहला मौका है जब शहर के भीतर आतंकी ढांचों पर निशाना साधा गया, सुप्रीम लीडर के सफाए के बाद।
आईडीएफ ने स्पष्ट किया, ‘हम तेहरान के अंदरूनी हिस्सों में ईरानी शासन के अड्डों को ध्वस्त कर रहे हैं। पिछले हमलों ने प्रवेश का रास्ता तैयार किया।’
रविवार को तेहरान के विभिन्न क्षेत्रों में सीरीज में विस्फोट हुए। सोशल मीडिया पर धुएं की मोटी चादरें और आग के गोले दिखे, जिससे शहर में दहशत फैल गई।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरानियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम सत्ता के हजारों केंद्रों पर प्रहार करेंगे। यह आपका ऐतिहासिक पल है – खाली न बैठें। सड़कों पर उतरें, लाखों बनकर शासन को जड़ से उखाड़ें। आपकी पीड़ा व्यर्थ नहीं जाएगी। सहायता मिल चुकी, अब फारसियों, कुर्दों, अजरियों, अहवाजियों, बलूचियों – सभी एक होकर आजादी हासिल करें।’
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने जवाब में कहा, ‘खामेनेई की शहादत का बदला लेना हमारा हक है। इस्लामिक रिपब्लिक दोषियों को सबक सिखाएगी, पूरी शिद्दत से।’
इन घटनाओं से क्षेत्रीय समीकरण बदल सकते हैं। इजरायल का यह दांव ईरान में विद्रोह भड़का सकता है या जोरदार जवाबी कार्रवाई को न्योता दे सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय सतर्क है।