ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की अफवाहों ने जम्मू-कश्मीर को हिला दिया। इजरायल के साथ जंग में उनके निधन पर रविवार को श्रीनगर में जोरदार विरोध हुआ, जिसके चलते जेकेएसएसबी ने परीक्षाएं टाल दीं।
गृह विभाग के लेबोरेटरी अटेंडेंट पदों की लिखित परीक्षा, जो 2025 के विज्ञापन के तहत तय थी, स्थगित कर दी गई। नोटिफिकेशन में नई तारीख बाद में बताने का आश्वासन दिया गया, मगर कारण गोलमोल रखा। प्रदर्शनों का असर साफ झलक रहा था।
लाल चौक पर शिया समुदाय के लोग भारी संख्या में पहुंचे। मार्च निकालकर उन्होंने खामेनेई को श्रद्धांजलि दी और इजरायल की आलोचना की। कश्मीर में ईरान समर्थन की यह लहर लंबे समय से चली आ रही है।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी: ‘ईरान की घटनाओं पर गहन चिंता। खामेनेई के निधन पर शोक। शांति रखें, तनाव न फैलाएं।’ ईरान में फंसे जेकेएस निवासियों की सुरक्षा के लिए केंद्र से समन्वय हो रहा है।
महबूबा मुफ्ती ने कटाक्ष किया, ‘इजरायल-अमेरिका जश्न मना रहे, मुस्लिम राष्ट्र मौन। यह अन्याय का साथ है। ईरान के साथ हमारी एकजुटता।’ जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। परीक्षा रद्द होने से हजारों युवा प्रभावित हुए हैं। वैश्विक मसलों का असर यहां स्पष्ट है, जहां शांति ही एकमात्र रास्ता है।