अमेरिका-इजरायल हमले से खामेनेई की शहादत के बाद ईरान बदले की ठान चुका है। तेहरान के शीर्ष नेता उत्तेजना में हैं और उन्होंने आक्रमणकारियों को कड़ी सजा देने का ऐलान किया है।
खामेनेई के महत्वपूर्ण सलाहकार अली लारीजानी, जो सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख हैं, ने कहा, ‘अमेरिका ने ईरानी दिल में घाव किया, हम वैसा ही करेंगे।’ जवाबी हमला पहले से कठोर होगा, लारीजानी ने स्पष्ट किया। भागने का कोई रास्ता नहीं बचेगा।
देश की स्थिरता के लिए राष्ट्रपति व न्यायाधीश प्रमुख युक्त अंतरिम नेतृत्व बनाया जाएगा। पड़ोसी मुल्कों से कहा गया कि संघर्ष विस्तार नहीं चाहते, मगर अमेरिकी अड्डों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
‘अमेरिका का दबाव अब कभी काम नहीं आएगा,’ लारीजानी ने दावा किया। मोहसेन रेजाई ने फारसी खाड़ी में यूएस नौसेना पर रोक लगा दी। मीडिया ने रक्षा मंत्री, सेना प्रमुख, आईआरजीसी के मोहम्मद पाकपुर व अली शमखानी की भी हत्या की पुष्टि की।
यह घटना मध्य पूर्व को नई दिशा दे सकती है, जहां तनाव चरम पर है।