तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल पर काबिज है, लेकिन मुर्शिदाबाद विधानसभा सीट पर इसका असर न के बराबर। ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य जीतते चले गए, पर यह क्षेत्र विरोधी दलों का गढ़ बना रहा। 1951 से 17 चुनावों में तृणमूल का खाता तक न खुला। भाजपा अब कब्जे में है।
परिसीमन के तहत मुर्शिदाबाद नगरपालिका, जियागंज अजीमगंज और स्थानीय सीडी ब्लॉक इस सीट का हिस्सा हैं। यह मुर्शिदाबाद लोकसभा का अंग है।
नवाबी युग में बंगाल का केंद्र, प्लासी की लड़ाई ने इसका भाग्य बदला। हजारद्वारी पैलेस, मदीना मस्जिद, नशीपुर पैलेस जैसे स्मारक इतिहास जीवंत रखते हैं।
कृषि प्रधान इलाका रेशम, हस्तकला और पारंपरिक उद्योगों से समृद्ध है।
चुनावी इतिहास उलट फेरों भरा—कांग्रेस का प्रारंभिक वर्चस्व, निर्दलीय की अप्रत्याशित जीत, लेफ्ट-फॉरवर्ड ब्लॉक की कामयाबी। तृणमूल मुस्लिम बहुल क्षेत्र में भी पीछे। आने वाले दंगल में यह सीट निर्णायक साबित होगी।