ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत अमेरिकी-इजरायली हमलों में पुष्ट हो गई। सरकारी चैनलों ने रविवार को इसकी पुष्टि की और देशव्यापी 40 दिनों के शोक की घोषणा कर दी।
शोक काल में मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाएं होंगी और सार्वजनिक जीवन प्रभावित रहेगा। खामेनेई का जाना ईरानी व्यवस्था के लिए बड़ा धक्का है, जिन्होंने लंबे समय तक सत्ता संभाली।
फार्स न्यूज के सूत्रों ने बताया कि हमलों में खामेनेई के अलावा उनकी बेटी, पोता, दामाद समेत चार परिजन भी शहीद हो गए। ये सटीक हमले ईरान की कमजोरियों को उजागर करते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने साफ कहा कि खामेनेई की मौत पर कोई शोक नहीं। उन्होंने उन्हें मिसाइल प्रोग्राम, परमाणु हथियार, प्रॉक्सी युद्ध और आंतरिक दमन के लिए दोषी ठहराया। ऑस्ट्रेलिया पर हमलों की साजिश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति पर अफसोस नहीं होता।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की, इसे ईरानियों के लिए स्वतंत्रता का सुनहरा मौका बताया। उन्होंने खामेनेई को खूंखार गुंडा करार दिया और अमेरिका-इजरायल की तकनीकी श्रेष्ठता का बखान किया।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान पर बमबारी जारी रहेगी, चाहे जितना समय लगे। मध्य पूर्व में शांति तक अभियान रुकेगा नहीं। आईआरजीसी और सेना से आत्मसमर्पण की पेशकश दोहराई।
ईरान अब नेतृत्वविहीन स्थिति में है। संभावित उत्तराधिकारी और क्षेत्रीय प्रभाव पर बहस छिड़ गई है। न्यूक्लियर डील और प्रॉक्सी संघर्षों का भविष्य अनिश्चित है।