1 मार्च, वाशिंगटन। निर्वासित रजा पहलवी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु को ऐतिहासिक मोड़ बताते हुए कहा कि वे अब इतिहास से लुप्त हो चुके हैं। इस्लामिक गणराज्य का पतन अपरिहार्य है और यह निकट भविष्य में समाप्त हो जाएगा।
पहलवी ने खामेनेई को ‘खून पीने वाला हत्यारा शासक’ कहा तथा उन पर ईरान के असंख्य बहादुर युवाओं की हत्या का दोषारोपण किया। ‘उनके जाने से गणराज्य वस्तुतः समाप्त हो चुका है। यह इतिहास की धूल में मिल जाएगा।’
वर्तमान व्यवस्था के अवशेषों को कड़ा संदेश देते हुए चेताया कि उत्तराधिकारी गढ़ने की कोई योजना कामयाब न होगी। ‘शुरू से ही यह तय है कि ऐसी साजिशें असफल होंगी। उनका चयन वैध न होगा और अपराधों में शरीक होगा।’
सुरक्षा बलों, सेना व पुलिस को लक्ष्य बनाकर कहा कि गिरावट पर उतरते शासन का समर्थन व्यर्थ है। ‘जनता का साथ चुनें। यह ईरान को स्वाधीनता व वैभव की ओर ले जाने का सुनहरा मौका है।’
मृत्यु से न्याय की पूर्ति न हुई, खून बहाया न लौटा, तथापि पीड़ित परिवारों – माता-पिता, जीवनसाथी व संतानों – को थोड़ी शांति मिलेगी।
‘गौरवपूर्ण व साहसी’ ईरानियों से आह्वान किया कि सजग रहें व योजना बनाएं। ‘राष्ट्रीय महोत्सव का प्रारंभ हो सकता है, किंतु संघर्ष समाप्त न हुआ। सड़कें निर्णायक साक्षात्कार का केंद्र बनेंगी। सामूहिक शक्ति से विजय पाएंगे, स्वतंत्र ईरान में आनंद मनाएंगे।’
दशकों से अमेरिका में रह रहे पहलवी सरकार-विरोधी आंदोलनों के समर्थक हैं। आवश्यकता पड़ी तो तेहरान वापसी कर अंतरिम सरकार चलाने को उत्साहित।