अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब दुनिया में नहीं हैं। अमेरिकी इंटेलिजेंस और आधुनिक सिस्टम ने उन्हें निशाना बनाया, जिसमें इजरायली सहायता मिली। ट्रंप ने इसे तानाशाही का अंत बताते हुए ईरानी जनता और वैश्विक पीड़ितों के लिए राहत कहा।
यह ईरान के लोगों के लिए स्वतंत्रता का बड़ा मौका है, उन्होंने जोर दिया। आईआरजीसी, फौज और सुरक्षाकर्मी लड़ाई से ऊब चुके हैं, अमेरिकी गारंटी मांग रहे हैं। ट्रंप ने कहा, अभी सरेंडर करो वरना अंत नजदीक।
उन्होंने इन बलों से अपील की कि देशभक्तों के साथ मिलकर राष्ट्र निर्माण करें। उसी दिन ईरान को करारा झटका लगा। पूर्ण शांति तक भारी बमबारी चलेगी, ट्रंप ने वादा किया। मार-ए-लागो से ट्रंप ने टीम संग निगरानी की, नेतन्याहू से फोन पर चर्चा हुई।
लेविट ने रुबियो के संसदीय अलर्ट का जिक्र किया। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइलें और प्रॉक्सी तैनाती से खतरा गंभीर है, अधिकारियों ने कहा। तेहरान-वाशिंगटन विवाद अब युद्ध के कगार पर पहुंच गया।