अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर आकस्मिक सैन्य कार्रवाई ने वॉशिंगटन को दो फाड़ कर दिया। विपक्षी डेमोक्रेट इसे राष्ट्रपति की मनमानी और युद्धोन्मादी कदम बता रहे हैं, वहीं समर्थक रिपब्लिकन इसे साहसिक प्रतिक्रिया मानते हैं।
मार्क वार्नर ने हमलों की विस्तृत जानकारी दी। परमाणु सुविधाओं से आगे बढ़कर ईरानी कमांडरों को भी लक्ष्य बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका को लंबे संघर्ष में झोंक सकता है, जिसमें संवैधानिक उल्लंघन के सवाल उठ रहे हैं।
एलिजाबेथ वॉरेन ने ट्रंप पर अकेले युद्ध शुरू करने का इल्जाम लगाया। ‘यह अवैध है और हमें घरेलू जरूरतों को भुलाकर युद्धों में नहीं उलझना चाहिए,’ उन्होंने जोर दिया।
ग्रेगरी मीक्स ने कांग्रेस से हस्तक्षेप की अपील की। बर्नी सैंडर्स ने इसे ट्रंप-नेतन्याहू की साजिश करार दिया, जो अमेरिकी जनता को गुमराह कर रहा है।
डेमोक्रेट्स ने सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित किया। रिपब्लिकन रोजर विकर और ब्रायन मास्ट ने समर्थन दिया, ईरान की दशकों पुरानी शत्रुता का हवाला देते हुए।
घरेलू स्तर पर टेक्सास में सुरक्षा कसी गई। विदेश विभाग ने कूटनीतिक प्रयास तेज किए। संसदीय बहसें इस मुद्दे पर अमेरिका की वैश्विक भूमिका को परिभाषित करेंगी।