कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के प्रति केंद्र सरकार के नकारात्मक रुख को बेनकाब किया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जबकि राजनीतिक दल व स्थानीय समूह सक्रिय रहे, केंद्र ने वित्तीय सहायता में टालमटोल किया।
संसदीय सत्रों में मुद्दा उठाने, पीएम को चिट्ठी और गृह मंत्री से वार्ता के बाविजूद अपेक्षित मदद न मिली। बारंबार मांग पर भी फंड न जारी करना व राष्ट्रीय आपदा का ऐलान न होना शर्मनाक है। विपक्षी दबाव पर गंभीर आपदा का स्टेटस मिला, लेकिन पैसा अब भी नाकाफी।
राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस ने 100 घर बनाने का कार्य आरंभ किया। प्रियंका ने आईयूएमएल के मुंडक्कई-चूरलमाला मकान हस्तांतरण कार्यक्रम में भाग लिया, इसे सभी पक्षों के सहयोग का प्रतीक बताया।
उन्होंने शुरुआती बचाव में स्थानीय वीरों की सराहना की। चूरम बाईपास रोड व बैराकुप्पे ब्रिज निरीक्षण से विकास को गति देने का संकल्प जताया। प्रियंका का बयान आपदा प्रबंधन में केंद्र की कमियों को उजागर करता है।