कर्नाटक में जीएसटी विभाग ने 593 करोड़ रुपये के विशाल फर्जी बिल घोटाले का खुलासा कर दिया। बेंगलुरु से पकड़े गए जीएसटी प्रैक्टिशनर मोहम्मद सैफुल्लाह ने पूरे रैकेट को चला रखा था। डीजीजीआई बेलगावी ने कमाल की कार्रवाई की है।
सैफुल्लाह के पास दर्जनों शेल फर्मों के जीएसटीआईएन थे। इनके जरिए बिना माल की आवाजाही के नकली बिल और ई-वे बिल बनाए जाते, कमीशन लिया जाता। लगभग 235 करोड़ का आईटीसी गलत दावा किया गया।
एक शक पैदा करने वाले रजिस्ट्रेशन से छानबीन शुरू हुई। बेंगलुरु में स्टार टैक्स कंसल्टेंट पर दबिश से नेटवर्क फोड़ दिया गया। सब कुछ कागजों पर साफ-सुथरा दिखाने के लिए डिजिटल टूल्स का सहारा लिया गया था।
पुख्ता सबूतों पर आरोपी टूट गया। 24 फरवरी को गिरफ्तारी हुई, अदालत से रिमांड लेकर बेलगावी ले जाया गया और हिरासत में भेजा।
प्रारंभिक रिपोर्ट कहती है कि कंपनियां नाममात्र की थीं, कोई बिजनेस एक्टिविटी नहीं। जांच एजेंसी अब चेन के बाकी कड़ियों को पकड़ने में जुटी है। घोटाले की पूरी तह तक पहुंचा जाएगा।
जीएसटी प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए ऐसी सतर्कताएं जरूरी हैं। फर्जी इनवॉइस की मार से सरकार का नुकसान हो रहा है। व्यापारियों को भी सावधान रहना होगा। यह केस अन्य राज्यों के लिए चेतावनी है।