बलूचिस्तान प्रांत में तनाव चरम पर है, जहां केच जिले के तुर्बत में 26 साल के छात्र इमरान ताज का लाश मिलने से सन sensation फैल गया। प्रमुख मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती समिति ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और फ्रंटियर कॉर्प्स पर छात्र की हत्या का आरोप लगाया। इमरान 27 जून से लापता थे, जब उन्हें कक्षाओं के बाद घर जाते वक्त पकड़ा गया।
बीवाईसी के बयान में कहा गया कि यह दर्दनाक घटना पूरे समुदाय को हिला गई है। संगठन ने प्रांत में बढ़ रही जबरन लापता करने की प्रवृत्ति पर गहरी नाराजगी जताई और वैश्विक संस्थाओं से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि बलूचों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है, ताकि परिवार भय में न जिएं।
दूसरी ओर, बलूचिस्तान ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने 25 फरवरी को मिनाज इलाके में हुए नरसंहार पर रोष व्यक्त किया। हमलावरों ने घर पर ग्रेनेड फेंके, अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे छह लोग मारे गए—महिलाएं व बच्चे भी—और तीन जख्मी हो गए। बाहर खड़ी गाड़ियों को आग लगा दी।
संगठन ने निर्दोषों की हत्या को अमानवीय बताया और किसी भी औजार को जायज नहीं माना। बलूचिस्तान की बिगड़ती स्थिति से मानवाधिकार कार्यकर्ता सतर्क हैं, जो लगातार न्याय व शांति की मांग कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय नजरें इस संकट पर टिक गई हैं।