इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने मिडिल ईस्ट को युद्ध की कगार पर ला खड़ा किया है। दुनिया भर में चिंता की लहर दौड़ गई है। भारत के सांसद विदेशी धरती पर फंसे भारतीयों की हिफाजत के लिए सक्रिय हो गए हैं।
शशि थरूर ने एक्स पर लिखा कि वे विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। भारतीयों को सलाह दी जा रही है कि हमलों के दौरान अमेरिका समर्थित ठिकानों से परहेज करें। अबू धाबी मिसाइल हमले में एशियाई की मौत ने खतरे का अहसास कराया। सुरक्षित रहने का संदेश दिया।
केसी वेनुगोपाल ने इजरायल-यूएस कार्रवाई से उपजे डर पर बात की। बड़ी संख्या में भारतीय, विशेषकर केरलवासी, प्रभावित हैं। पीएम और MEA से सुरक्षा, निकासी के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा।
मीरवाइज उमर फारूक ने हमलों की कड़ी भर्त्सना की। इजरायल को फिलिस्तीन में बिना सजा के हौसला मिला। अमेरिका संग क्षेत्रीय युद्ध का जोखिम बढ़ा। ईरान के लोगों के लिए दुआ की।
ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के अस्थिरता फैलाने वाले कदमों-मिसाइल, न्यूक्लियर, प्रॉक्सी हिंसा-का विरोध किया। 2024 के उसके हमलों पर राजदूत निष्कासित, दूतावास सस्पेंड, IRGC आतंकी घोषित। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने का डर है।