प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में माइक्रोन के एटीएमपी प्लांट का उद्घाटन कर भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। आईईएसए ने इस कदम का स्वागत किया, इसे राष्ट्रीय प्रगति का मील का पत्थर करार दिया।
समारोह में मौजूद आईईएसए चेयरमैन अशोक चंदक ने कहा कि यह भारत की चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत भूमिका की शुरुआत है। ‘इतिहास रचने का सौभाग्य मिला। पीएम के तीन सूत्र—तैयार, भरोसेमंद, परिणामदायक—सबकुछ कहते हैं।’
22,516 करोड़ रुपये (2.75 अरब डॉलर) का यह निवेश रिकॉर्ड तोड़ है। माइक्रोन के भारत स्थित डिजाइन केंद्र इसे और मजबूत बनाते हैं। प्लांट डीआरएएम, एनएएनडी, एसएसडी का उत्पादन करेगा—ये एआई, सुपरकंप्यूटिंग, मोबाइल, डेटा सेंटर्स, वाहनों और डिजिटल तकनीक के इंजन हैं।
दुनिया में मेमोरी फैब की क्षमता सीमित है, इसलिए यह रणनीतिक महत्व रखता है। आईईएसए के अनुसार, एआई बूम के दौर में भारत में इसका आगमन समयोचित है।
इसके साथ मौजूदा और नई सुविधाएं मिलकर भारत को चिप हब बनाएंगी, डिजाइन-आधारित उत्पादन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देकर।
लगभग 5,000 सीधे और 15,000 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे, जो कुशल मानव संसाधन विकसित करेंगे। यह नीति से क्रियान्वयन तक की यात्रा में बड़ी जीत है।