तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कौडियार में आयोजित लेक्चर में भारत की आर्थिक उड़ान का जिक्र किया। 2014 के ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर चौथे पायदान पर पहुंचा भारत अब तीसरे नंबर की ओर अग्रसर है। 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य स्पष्ट है।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 81 से 38वां स्थान, 2 लाख स्टार्टअप और 21 लाख रोजगार इसका जीवंत प्रमाण हैं। स्टार्टअप इंडिया अब देशभर का आंदोलन है, जिसमें छोटे शहरों और महिला उद्यमियों की भागीदारी उल्लेखनीय है।
महिलाओं की भूमिका बदल रही है—वे विज्ञान, अंतरिक्ष और शासन के प्रमुख मिशनों का नेतृत्व कर रही हैं। पेटेंट में छठा स्थान, 60% देशी आवेदन, उच्च उद्धृत शोध पत्र और टॉप वैज्ञानिकों में भारतीयों की उपस्थिति गौरव का विषय है।
नीतियां निजी क्षेत्र को अंतरिक्ष में ले आईं, रक्षा-तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ी, निर्यात में उछाल आया। समुद्र की संपदा, गहरे सागर के खनिज और जैव संसाधन अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां देंगे।
युवा पीढ़ी ही विकसित भारत गढ़ेगी, यह संदेश देकर डॉ. सिंह ने समापन किया। भारत की यह यात्रा विश्व पटल पर नई मिसाल कायम कर रही है।