ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई की घोषणा से मध्य पूर्व की स्थिति और खराब हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों को आजादी का भरोसा दिलाया, लेकिन इससे वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत में कांग्रेस के शीर्ष नेता इस संकट में भारतीय expatriates की चिंता जता रहे हैं।
राहुल गांधी ने एक्स पर स्पष्ट शब्दों में तनाव को बेहद खतरनाक बताया। ‘मध्य पूर्व के हर भारतीय की हिफाजत प्राथमिकता है,’ उन्होंने लिखा और सरकार से फौरी कार्रवाई की मांग की।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी की ओर से चिंता प्रकट की। ईरान विरोधी तनाव से बिगड़ते हालात पर उन्होंने शांति की जरूरत बताई। ‘ईरान और पूरे मध्य पूर्व में भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार हर कदम उठाए,’ उनकी मांग रही।
जयराम रमेश ने ट्रंप को कूटनीति के ढोंग का दोषी ठहराया। नेतन्याहू और अमेरिकी हॉक के प्रभाव में सत्ता परिवर्तन के लिए हमला हुआ,他说। कांग्रेस ने हमले की भर्त्सना की और संघर्ष विराम व भारतीय सुरक्षा के उपायों पर जोर दिया।
फ्रांस के मैक्रों ने तत्काल युद्धविराम की पुकार लगाई। सऊदी ने खाड़ी पर ईरानी हमलों की चेतावनी जारी की। मैक्रों ने फ्रांस की रक्षा तैयारियों का ऐलान किया।
इस संकट में भारत को सतर्क रहना होगा। कांग्रेस की मांगें सरकार पर दबाव बना रही हैं, जो कूटनीति से लेकर निकासी की योजनाओं तक फैल सकती हैं। भारतीयों का कल्याण राष्ट्रहित का हिस्सा है।