16 मार्च को बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के मुखिया व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बीजेपी को 2024 लोकसभा चुनाव से पूर्व किए गए राज्यसभा सीट के वचन की याद दिलाई है। मांझी अड़ गए हैं कि उनकी पार्टी को एक सीट अवश्य मिले।
गया में मीडिया से बातचीत में मांझी ने बताया कि एनडीए सरकार के बड़े नेताओं ने लोकसभा में दो व राज्यसभा में एक सीट का लॉलीपॉप दिखाया था। लोकसभा की एक सीट मिली, जिसे एचएएम ने एनडीए की झोली में डाल दिया। मगर राज्यसभा का हिसाब अब तक अधर में लटका है। ‘यह कोई जबरदस्ती की मांग नहीं, बल्कि हक है जो पूरा हो,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
बिहार की 16 राज्यसभा सीटों में से पांच अप्रैल में खाली होंगी। जेडीयू के दो सदस्य हरिवंश व राम नाथ ठाकुर, आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता व अमरेंद्र धारी सिंह तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) की सीटें प्रभावित होंगी।
नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च, जांच 6 को, नाम वापसी 9 तक तथा वोटिंग 16 मार्च को होगी। सत्ताधारी एनडीए तीन सीटें आसानी से ले सकता है।
आरजेडी की अगुवाई वाला महागठबंधन विधानसभा में केवल 35 सदस्यों के साथ जूझ रहा है। जीत के लिए 41 विधायकों का जरूरत है। ऐसे में एआईएमआईएम व बसपा से अप्रत्यक्ष समर्थन की उम्मीद बंधी है, हालांकि कभी गठबंधन नहीं हुआ। गठबंधन में कांग्रेस व वाम दल भी हैं।
एनडीए की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार। मांझी का यह रुख गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर सकता है।