चीनी कम्युनिस्ट पार्टी केंद्रीय समिति की पत्रिका छोशी का आगामी पांचवां अंक 1 मार्च को पाठकों के समक्ष होगा। विशेष आकर्षण है सीपीसी महासचिव शी चिनफिंग का महत्वपूर्ण लेख ‘जिम्मेदारी लेने की इच्छा, साहस एवं सक्षमता को प्रचलित बनाएं’। यह दिसंबर 2012 से 2025 तक के उनके प्रमुख बयानों का चयनित अंश है।
लेख का मूल संदेश है—परिश्रम राष्ट्र रचता है, बातें बर्बाद। 20वीं सीपीसी कांग्रेस की महत्वाकांक्षी योजनाओं को साकार करने के लिए सभी नेताओं को प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना होगा। चुनौतियों का दौर चलेगा—जोखिम, रुकावटें, अंतर्विरोध और कठिनाइयां आएंगी, लेकिन जिम्मेदारी का भाव ही विजय का मंत्र बनेगा।
अधिकारियों की सक्रियता राजनीतिक गुणधर्म तो है ही, शासन की आधारशिला भी। पद पर बैठे बिना काम किए नहीं चलेगा, सत्ता के बिना जिम्मेदारी के नहीं चलेगा, नाम के पीछे भागे बिना योगदान के नहीं चलेगा। शी का यह आह्वान चीनी नेतृत्व को नई ऊर्जा प्रदान करता है।
राष्ट्रीय पुनरुत्थान की दिशा में यह प्रकाशन एक मील का पत्थर साबित होगा, जो जिम्मेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाकर चीन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराता है।