पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारी तेज। एसआईआर पूरा होने पर रविवार को अंतिम मतदाता सूची जारी होते ही चार जिलों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया। बांग्लादेश सीमा से सटे इन इलाकों में तनाव टालने हेतु वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्रभावित जिले हैं मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया व कूच बिहार। अल्पसंख्यक बहुल मालदा-मुर्शिदाबाद में पूर्व में उग्रता के प्रसंग रहे। ये उत्तरी व दक्षिणी बंगाल में बंटे हैं।
शनिवार अपराह्न 2 बजे अधिकारियों ने पदभार ग्रहण किया। मालदा: एडीजी अजय नंद (एटीएफ), सहायता में एटीएफ व पुलिस।
कूच बिहार: डीआईजी सुनील कुमार यादव (तटीय सुरक्षा), आरपीएफ व जिला पुलिस संग।
मुर्शिदाबाद: डीआईजी राशिद मुनीर खान (मुख्यालय), सीआईएफ जवान व स्थानीय पुलिस।
नादिया: आईजी गौरव शर्मा (यातायात), दो पुलिसकर्मी सहयोगी।
एक साथ 240 कैपएफ कंपनियां शुक्रवार से आ रही हैं—1 मार्च तैनाती हेतु। सीआरपीएफ 110, बीएसएफ 55, सीआईएसएफ 21, आईटीबीपी व एसएसबी की 27-27। आदर्श आचार संहिता से ठीक पहले यह कदम।
10 मार्च से अतिरिक्त 240 कंपनियां, जिससे सुरक्षा कवच और सशक्त होगा। संवेदनशील क्षेत्रों में शांति बनाए रखने का मजबूत इरादा स्पष्ट।