भारत की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली खबर। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, नई जीडीपी श्रृंखला ने अर्थव्यवस्था के आकार को काफी विस्तार दिया है और मैन्युफैक्चरिंग अब विकास का प्रमुख चालक बन चुकी है।
वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जो Q2 के 8.4 प्रतिशत से कम है, लेकिन पूरे वर्ष 7.6 प्रतिशत का लक्ष्य पुरानी श्रृंखला के अनुमान से अधिक है। वित्त वर्ष 2024 की वृद्धि 7.2 प्रतिशत और 2025 की 7.1 प्रतिशत तय की गई।
सबसे चमत्कारिक है वास्तविक जीडीपी का उछाल—वर्ष 2023 में 261 लाख करोड़ (पहले 161 लाख करोड़), वर्ष 2025 में 300 लाख करोड़ (पहले 188 लाख करोड़)। कारण हैं विस्तृत कवरेज, डबल डिफ्लेशन और बेहतर इंडेक्स।
मैन्युफैक्चरिंग का जलवा लाजवाब—वर्ष 2024 में 12.7 प्रतिशत, 2026 में 11.5 प्रतिशत वृद्धि। तीनों तिमाहियां दमदार: 10.6, 13.2, 13.3 प्रतिशत। यह सटीक मापन से हुआ।
सेवा क्षेत्र 2026 में 9 प्रतिशत चमकेगा, तीसरी तिमाही में 9.5 प्रतिशत के साथ। वित्तीय, रियल्टी, आईटी क्षेत्रों ने 11.2 प्रतिशत जोड़ा। कृषि की रफ्तार मंद—2.4 प्रतिशत अनुमानित, Q3 में 1.4 प्रतिशत।
यह संशोधन भारत की आर्थिक मजबूती को रेखांकित करता है। मैन्युफैक्चरिंग की दहाड़ और सेवाओं का साथ विकास को गति देगा। कृषि पर विशेष ध्यान आवश्यक है।