एन. कुंजरानी देवी भारतीय वेटलिफ्टिंग की वह शख्सियत हैं जिन्होंने खेल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इम्फाल के कैरांग मायाई लेइकाई में 1 मार्च 1966 को जन्म लेने वाली कुंजरानी ने 1978 में 12 साल की उम्र से ही भार उठाना शुरू किया। स्थानीय स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के साथ उन्होंने अपनी प्रतिभा को तराशा।
1985 में राष्ट्रीय करियर की शानदार शुरुआत हुई, जिसमें 44-48 किलो वर्गों में पदक जीते। त्रिवेंद्रम में रिकॉर्ड, पुणे में गोल्ड, मणिपुर में सिल्वर। सीआरपीएफ में प्रवेश के बाद पुलिस खेलों में उनका जलवा रहा, 1996-98 में कप्तानी की।
विश्व पटल पर मैनचेस्टर 1989 से तीन रजत पदक और सात चैंपियनशिपों में सफलता। एशियाई खेलों में दो कांस्य, एशियाई चैंपियनशिप में लगातार रजत तथा 1995 कोरिया में दो स्वर्ण-एक कांस्य।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2002-06 में स्वर्णिम प्रदर्शन, खासकर मेलबर्न में 48 किलो में 166 किलो लिफ्ट (72 स्नैच, 94 जर्क) से रिकॉर्ड। सम्मान: अर्जुन (1990), खेल रत्न (1996-97), पद्मश्री (2011)।
उनकी प्रेरणा से देशभर की युवतियां भारोत्तोलन में कदम रख रही हैं, जो कुंजरानी के योगदान को सलाम करती हैं।