दिल्ली की द्वारका साउथ थाने की पुलिस ने लंबी मेहनत के बाद बड़ी कामयाबी पाई। 28 फरवरी को 2018 के मोबाइल धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपी मुश्ताक उर्फ मथुरा वाला (33 वर्ष) को पकड़ लिया गया। कोर्ट के हर फरमान को ठेंगा दिखाते हुए वह लगातार भूमिगत था।
उसने फोन पर बातचीत के बहाने पीड़ित से पेटीएम नंबर व अन्य जानकारियां हथियाईं और 25,998 रुपये उड़ा लिए। शिकायत के बावजूद जांच में सहयोग न करने पर अदालत ने उसे प्रोक्लेम्ड अपराधी करार दिया।
जिले के डीसीपी ने फरारों की धरपकड़ के लिए एसएचओ व एसीपी स्तर पर टीमें तैनात कीं। सेक्टर-10 चौकी इंचार्ज रजत मलिक के नेतृत्व वाली यूनिट में संजीव कुमार, मुल्क राज व मुकेश कुमार कुलदीप कांस्टेबल थे।
मैनुअल व टेक्निकल तरीकों से ट्रैकिंग जारी रही। मुखबिरों ने अहम भूमिका निभाई। कोर्ट विजिट की संभावना पर स्टाफ को सजग रखा गया।
जैसे ही मुश्ताक कोर्ट पहुंचा, सूचना मिली और पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर ली। बिना किसी उपद्रव के उसे पकड़ लिया गया। कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
ऐसी कार्रवाइयां अपराधियों में भय पैदा करती हैं। पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।