मार्च का पहला दिन रविवार को रवि प्रदोष व्रत के पुण्य से रोशन होगा। भोलेनाथ का प्रिय यह व्रत पाप नाश का सर्वोत्तम साधन माना जाता है। मास के दो प्रदोषों में यह पहला अवसर शिव भक्तों के लिए आशीर्वाद लेकर आया है।
भद्रा मुक्त यह दिन विवाह, गृह प्रवेश या व्यापार प्रारंभ जैसे कार्यों हेतु उत्तम। तिथि परिवर्तन शाम 7:09 बजे त्रयोदशी से चतुर्दशी में होगा।
खगोलीय घटनाएं: सूर्योदय 6:47 बजे, सूर्यास्त 6:22 बजे, चंद्रोदय 4:17 बजे तथा चंद्रास्त अगले दिन सुबह 6 बजे। प्रमुख शुभ अवसर अभिजित मुहूर्त 12:11-12:58 बजे, गोधूलि 6:19-6:44 बजे तथा लंबा अमृत काल 6:18 बजे से अगले दिन 7:51 बजे तक।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त 5:08-5:57 बजे, विजय 5:33-6:47 बजे तथा रवि पुष्य योग 6:47-8:34 बजे विशेष फलदायी। अशुभ समय: राहुकाल 4:55-6:22 बजे से बचाव करें, गुलिक काल 3:28-4:55 बजे, यमगंड 12:34-14:01 बजे, दुर्मुहूर्त 4:49-5:25 बजे तथा वर्ज्य 8:59-10:32 बजे।
पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहने से यात्रा टालें। इस विस्तृत पंचांग से दिन की सार्थकता बढ़ाएं और महीने की सुख समृद्धि सुनिश्चित करें।