वैश्विक बाजारों में अमेरिका-ईरान के बढ़ते विवाद ने शुक्रवार को सोना-चांदी को चमकाया। एमसीएक्स पर इनकी कीमतों में शानदार उछाल आया, डॉलर की मामूली कमजोरी ने और रफ्तार दी।
अप्रैल सोने का वायदा दिन में 0.30 फीसदी चढ़कर 1,60,719 रुपये प्रति 10 ग्राम के टॉप पर पहुंचा। मार्च चांदी में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी से भाव 2,68,301 रुपये प्रति किलो बोले गए।
दोपहर करीब सवा दो बजे अप्रैल गोल्ड 1,60,354 रुपये पर 0.40 फीसदी या 645 रुपये ऊपर था। सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 2,66,650 रुपये पर 2.69 फीसदी मजबूत दिखा।
परमाणु बातचीत आगे खिसक गई बिना नतीजे के। अमेरिका की सैन्य मजबूती और ईरान पर तेल व हथियार प्रतिबंधों ने तनाव बढ़ाया, सुरक्षित संपत्ति की होड़ मचाई।
डॉलर सूचकांक 97.76 पर 0.04 फीसदी नीचे आया, जो हालिया तेजी के बाद राहत है। अमेरिकी आंकड़ों से अर्थव्यवस्था मजबूत नजर आ रही, दरें घटने की संभावना घटी।
सेबी का नया नियम म्यूचुअल फंड ईटीएफ के सोना-चांदी मूल्यांकन को देशी बाजार से जोड़ेगा, सभी के लिए एकसमान प्रक्रिया लाएगा—2026 से शुरू।
एक्सपर्ट्स कहते हैं, गोल्ड का मौजूदा रेंज 1,55,000-1,65,000 करेक्शन के बाद स्थिरता दर्शाता है, लॉन्ग टर्म ट्रेंड बुलिश। चांदी 2,25,000-2,35,000 से ऊपर रहे तो मिड टर्म में 3 लाख पार संभव।
जियोपॉलिटिकल आग के बीच कीमती धातुएं निवेश का मजबूत आधार बनी रहेंगी।