न्यूजीलैंड से सुपर-8 में 61 रनों की हार और इंग्लैंड के खिलाफ 51 रनों से पहले मिली मात ने श्रीलंका को टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया। 2026 की सह-मेजबान लंका सुपर-8 से सबसे पहले लौटने वाली टीम बन गई, जिससे क्रिकेटप्रेमी स्तब्ध हैं।
पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा ने एक्स पर अपनी पीड़ा बयां की। ‘हर जगह उदासी छाई है। समर्थक दुखी, क्रुद्ध, खिलाड़ी मायूस। ड्रेसिंग रूम का वह दर्द मुझे पता है। जिम्मेदारी कठिन है, मगर देश सेवा का मान है। सही दिशा में लौटने को हर स्तर पर मेहनत चाहिए।’
2014 की चैंपियनशिप के बाद लगातार पांच टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से वंचित रहना निराशाजनक बताते हुए संगाकारा ने कहा, ‘दुनिया का क्रिकेट उड़ान भर रहा, हम जस के तस। एक ही रास्ते पर चलते रहकर नया परिणाम नहीं मिलेगा। खतरा यह है कि हम खुद को बेमानी बना लेंगे।’ 2009-2014 के दौर में चार बार सेमीफाइनल, दो फाइनल और खिताब की यादें ताजा कीं।
श्रीलंका क्रिकेट को अब व्यापक बदलाव की दरकार है। सह-मेजबानी का मौका हाथ से न निकले, इसके लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। संगाकारा का संदेश क्रमबद्ध सुधार का आह्वान करता है।