26 फरवरी को वीर सावरकर की स्मृति में पूरे देश में श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देश को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने हेतु सावरकर ने जीवन अर्पण कर दिया। उनके जीवन से हमें कठिनाइयों में अडिग रहना सीखने को मिलता है।
सावरकर का ओज, संयम और भारतमाता के प्रति प्रेम हर पीढ़ी को प्रेरित करेगा। इस पुण्य अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी को सादर नमन। उनका कृतित्व राष्ट्रसेवा का प्रतीक बनेगा।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उल्लेख किया कि स्वातंत्र्यवीर सावरकर ने प्रत्येक पल मां भारती को समर्पित किया। ब्रिटिश हुकूमत की सबसे कठोर यातनाएं भी उनके उत्सर्ग को कम न कर सकीं। राष्ट्रवाद को जन-जन तक पहुंचाने और हिंदू परंपराओं व अखंड भारत की सोच में उनका अतुलनीय भागीदारी है।
राजनाथ सिंह ने सावरकर के साहस को स्वतंत्रता इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। वहीं, नायब सैनी और विष्णु देव साय जैसे मुख्यमंत्रियों ने उनके त्याग को देशभक्ति का प्रहरी करार दिया।
यह स्मृति दिवस सावरकर के आदर्शों को पुनर्जीवित करता है, जो हमें मजबूत राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने को बाध्य करता है। उनका बलिदान अनंत काल तक प्रेरणा स्रोत रहेगा।