पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन पर जोरदार हमला बोला। इसे झूठों का ढेर बताते हुए उन्होंने अर्थव्यवस्था, मतदान सुधार और ईरान विवाद पर गुमराह करने का आरोप लगाया। एरॉन परनास के शो में ट्रंप के भाषण को देखने के बाद हैरिस ने कहा कि यह अमेरिकी परिवारों की हकीकत से कोसों दूर है।
देश की मजबूती का ट्रंप का दावा हास्यास्पद है। ‘लोगों पर बढ़ती महंगाई, चिकित्सा खर्च और घरों का बोझ लदा है,’ हैरिस ने पलटवार किया। मिसिसिपी यात्रा का हवाला देते हुए उन्होंने एक मां की कहानी सुनाई—150 डॉलर साप्ताहिक बजट पर चार लोगों का पेट पालना। ‘बच्चों के लिए सब कुछ, खुद बचे हुए खाएंगी। जहरीले नल के पानी से बचने पैदल पानी लाती हैं।’
बजट कटौतियों पर सवाल उठाए—मेडिकेड में 1 ट्रिलियन डॉलर की छंटनी पर शोर क्यों नहीं? सेव एक्ट को वोट दबाव का हथियार बताया, क्योंकि 40% लोगों के पास जरूरी कागजात नहीं। ईरान पर ट्रंप की नीति युद्ध की ओर ले जा रही, जहां अमेरिकी जवान फंस सकते हैं। ‘जनता युद्ध-विरोधी है। गठबंधन कमजोर हो रहे हैं, जो सुरक्षा के लिए बुरा है।’
यह आलोचना ट्रंप प्रशासन पर लोकतांत्रिक दबाव बढ़ा रही है।