इजरायल की संसद में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने संबोधन दिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने हमास के 7 अक्टूबर हमले के शिकारों के दर्द को साझा किया और भारत की पूर्ण एकजुटता का ऐलान किया।
आतंकवाद से जूझ चुके भारत का अनुभव साझा करते हुए मोदी ने कहा कि हम इजरायल के हर संघर्ष में भागीदार हैं। भाषण के दौरान सांसदों की तालियों और ‘मोदी’ के उद्घोष से हॉल vibrated।
गाजा के लिए यूएनएससी की शांति योजना को मोदी ने समाधान का रास्ता बताया। उन्होंने जोर दिया कि उम्मीद जगाए रखना जरूरी है। फिलिस्तीन समेत सभी पक्षों के लिए स्थायी शांति संभव है।
होलोकॉस्ट के दौरान गुजरात रियासत की मदद का उल्लेख कर मोदी ने ऐतिहासिक बंधन को रेखांकित किया। भारत में यहूदियों ने कभी भय नहीं देखा। उनका जन्मदिन भारत-इजरायल संबंधों की शुरुआत से मेल खाता है।
मोदी ने मित्रता, सम्मान और साझेदारी का संदेश दिया। स्पीकर का हिंदी अभिवादन इस रिश्ते की मिठास को दर्शाता है।