इजरायल की संसद में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन ऐतिहासिक रहा। दो दिवसीय यात्रा में पहुंचे मोदी का स्वागत उत्साहपूर्ण रहा। उन्होंने नौ वर्ष पूर्व की पहली यात्रा को याद करते हुए कहा कि इजरायल लौटना आनंदजनक है।
हमास के 7 अक्टूबर हमले पर संवेदना व्यक्त कर पीएम ने कहा, आपका दुख हमारा है। भारत हर कदम पर इजरायल समर्थक है। आम नागरिकों की हत्या कभी जायज नहीं। भारत के 26/11 जैसे आतंकी घाव इजरायल से जुड़े हैं, जिसमें उनके नागरिक भी शहीद हुए।
भारत यहूदियों को भेदभाव मुक्त माहौल देता है, जहां वे पूर्ण स्वतंत्रता से जीते हैं। यह गर्व का विषय है। आतंकवाद वैश्विक खतरा है, इसके खिलाफ संयुक्त अभियान जरूरी। शांति भारत का वादा।
2006 गुजरात यात्रा से शुरू होकर 2017 में स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक का वर्णन किया। स्टार्टअप नेशन इजरायल से प्रेरित होकर भारत युवाओं के इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा। 2018 के आई-क्रिएट ने 900 स्टार्टअप्स को सहारा दिया। पिछले सप्ताह 100+ देशों के साथ एआई समिट आयोजित।
व्यापार वृद्धि, निवेश संधि और संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रतिबद्धता जताई। नई संधि से व्यावसायिक विश्वास बढ़ेगा, भारत के अन्य व्यापार समझौतों की तर्ज पर संबंध और सशक्त होंगे।