तमिलनाडु में धार्मिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे अब खत्म होने की कगार पर हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 12 हफ्तों में अधीनम व मठों की सभी जमीनों से अतिक्रमण हटाने का सख्त आदेश दिया है।
2018 की एक याचिका से शुरू हुआ यह विवाद थिरुथोंडर ट्रस्ट के राधाकृष्णन ने दायर किया था। सेंगोल अधीनम की थूथुकुडी के नेदुंगुंद्रम स्थित संपत्तियों पर कब्जे का मुद्दा उठाया गया, जो तिरुनेलवेली तक फैला।
जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस सी. कुमारप्पन ने सभी संबंधित संस्थाओं के प्रमुखों को शामिल कर statewide समीक्षा सुनिश्चित की। कोर्ट ने जोर दिया कि संपत्ति सुरक्षा राज्य का कर्तव्य है।
फैसले में त्वरित निष्पादन पर बल दिया गया। अवैध कब्जाधारियों को हटाकर संपत्तियां वापस दिलाई जाएंगी।
धार्मिक संगठनों ने स्वागत किया है। इससे न केवल जमीनें मुक्त होंगी, बल्कि आस्था के केंद्र मजबूत होंगे। सरकार की कार्रवाई पर नजर रखी जाएगी।