पश्चिम बंगाल ज्यूडिशरी में हड़कंप। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मतदाता सूची SIR प्रक्रिया को गति देने हेतु सभी ज्यूडिशियल ऑफिसरों पर छुट्टी प्रतिबंध लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट निर्देश के अनुपालन में यह फैसला 45 लाख से ज्यादा लंबित केसों के निपटारे पर केंद्रित है।
सीनियर सिविल जज, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और जूनियर जज/मजिस्ट्रेट सभी प्रभावित। डेपुटेशन वाले भी शामिल, केवल चिकित्सा आपातकाल में छूट। छुट्टी पर मौजूद अधिकारियों को 25 फरवरी 2026 दोपहर तक रिपोर्ट करना अनिवार्य।
सभी पूर्व स्वीकृत अवकाश रद्द। ट्रांसफर पर बिना लीव नए स्थान पर जॉइनिंग। कईयों को जल्द चार्ज ग्रहण का आदेश। ज्यूडिशियल एकेडमी व बाहरी ट्रेनिंग प्रोबेशनर छोड़ अन्य सब रुकेंगी।
जिलाधिकारी स्तर पर कमेटियां बनाई गईं, उल्लंघन पर कड़ी कार्यवाही। SIR में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी श्रेणी के केसों पर जोर। विवादित वोटर सूचियां सुधारना चुनाव की निष्पक्षता के लिए अहम। यह कदम न्याय व्यवस्था की दक्षता बढ़ाएगा, लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करेगा।