केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने एफआईसीसीआई सम्मेलन में घोषणा की कि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में वैश्विक नेतृत्व ग्रहण करने की स्थिति में है। मजबूत नीतिगत समर्थन और उद्योग सहयोग से यह सपना साकार होगा।
तीसरे सत्र में मीडिया से कहा कि ईवी अपनाने के हर बेहतर तरीके को लागू करेंगे। ‘मेक इन इंडिया’ के साथ ‘विकसित भारत 2047’ को जोड़ते हुए ईवी को प्राथमिकता देकर हम स्वदेशी निर्माण मजबूत करेंगे और वैश्विक बाजार में छाएंगे।
ऑटो पार्ट्स निर्यात 8 अरब से 16.9 अरब डॉलर हो गया, जो भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को प्रमाणित करता है।
अमिताभ कांत ने चेताया कि सप्लाई चेन बदल रही है, भारत को ईवी हब बनना चाहिए। यह केवल पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक, तकनीकी व रणनीतिक लाभ के लिए जरूरी है।
विक्रम हांडा ने बताया कि ग्रीन मोबिलिटी 2.0 में खनिज प्रोसेसिंग से ट्रक तक सब शामिल है। यह पारिस्थितिकी तंत्र भारत की महत्वाकांक्षा दर्शाता है।
इस दिशा में कदम उठाकर भारत नौकरियां पैदा करेगा और सस्टेनेबल मोबिलिटी का भविष्य रचेगा।