फिल्मी गीतों की दुनिया में किस्मत का खेल अक्सर देखने को मिलता है। पायल देव का सफर इसका जीता-जागता उदाहरण है। मरजावां का ‘तुम ही आना’ पांच साल पहले रचा गया, लेकिन आने वाले वक्त ने इसे स्टार बना दिया।
रामगढ़, झारखंड में पैदा हुईं पायल का जन्म 26 फरवरी को हुआ। मां सरस्वती की कृपा से उनकी आवाज बचपन से सुरीली थी। महिला कॉलेज से संगीत की पढ़ाई पूरी कर मुंबई आईं। इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट बनने की चाहत में ‘तुम ही आना’ तैयार किया।
भूषण कुमार ने इसे सुनकर तुरंत फिल्म में शामिल किया, बिना एक नोट बदले। सोशल मीडिया पर धूम मचाने से पायल घर-घर पहुंच गईं।
बाजीराव मस्तानी से डेब्यू हुआ ‘अब तोहे जाने ना दूंगी’ से। सलमान ने राधे के गानों में मार्गदर्शन किया। ‘दिल दे दिया’, ‘बारिश बन जाना’, ‘गेंदा फूल’, ‘जालिम’, पवन सिंह के साथ भोजपुरी हिट्स और भक्ति रचनाओं ने करियर संवारा।
आज पायल देव प्रेरणा स्रोत हैं। उनका यह ब्रेक बताता है कि अच्छा काम कभी व्यर्थ नहीं जाता।