शेगांव में आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया। छह प्रमुख आयुष विशेषज्ञों को उनके योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।
उन्होंने उल्लेख किया कि हमारी संस्कृति पूर्ण स्वास्थ्य को सबसे बड़ा आनंद मानती है। मजबूत स्वास्थ्य वाले नागरिक देश को शक्तिशाली बनाते हैं। आयुर्वेद, योग जैसी आयुष विधियां प्राचीन काल से सेवा दे रही हैं।
कृषि भूमि, रसोई व जंगलों में औषधियां भरी पड़ी हैं। इस संपदा का रखरखाव औषधि उत्पादन, किसान कल्याण, मृदा संरक्षण व पर्यावरण स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
आयुष का प्रसार व्यक्तिगत स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था व प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देता है। ये पद्धतियां स्वस्थ जीवनशैली सिखाती हैं। वैश्विक पटल पर रोग निवारण हेतु एकीकृत उपचार प्रचलित हो रहा है। योग व आयुर्वेदिक औषधियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही हैं।
वैज्ञानिक शोध, दवा मानकीकरण व गुण परीक्षण आयुष को मजबूत करेंगे। मंत्रालय के प्रयास राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य हैं। आधुनिक चुनौतियों के हल के रूप में आयुष स्थापित हो रहा है।
नवीनतम तकनीक, आविष्कार व वैश्विक साझेदारी से हम पारंपरिक चिकित्सा को मुख्यधारा में ला सकेंगे, राष्ट्रपति ने भरोसा जताया।