पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने तीखा प्रहार बोला है। उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक तरफ गुरदासपुर में सीमा पर पुलिस जवान शहीद हो रहे हैं, दूसरी तरफ निजी समारोहों में पुलिस का पहरा।
एक्स पर पोस्ट में मजीठिया ने दोरांगला के आदियां चेकपोस्ट पर हुई फायरिंग का ब्योरा दिया। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इस स्थान पर रात के सन्नाटे में दो पुलिसवालों को गोली मार दी गई। मृतक अशोक कुमार (होमगार्ड, अखलासपुर) और गुरनाम सिंह (एएसआई, गादड़ियां) थे। घटना के चार दिन बाद भी अपराधियों का सुराग नहीं।
मजीठिया ने इसे सरकारी लापरवाही करार दिया। दूसरी ओर बटाला में मार्केट कमेटी चेयरमैन मानिक मेहता के प्री-वेडिंग वीडियो शूट में सक्रिय पुलिसकर्मियों की तैनाती का खुलासा किया। उन्होंने तंज कसा कि क्या जवान की सुरक्षा से ज्यादा शादी की रीलें महत्वपूर्ण हैं?
पुलिस महकमे से सफाई मांगते हुए मजीठिया ने मेहता और शामिल जवानों की बर्खास्तगी की मांग उठाई। आप नेताओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि क्या उनके लग्जरी आयोजन सीमावर्ती सुरक्षा से ऊपर हैं। राज्य में ऐसा कथित दुरुपयोग पहली दफा देखा गया।
बढ़ते अपराध और सीमा खतरों के बीच यह विवाद सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है। विपक्ष इसे चुनावी हथियार बना सकता है, जबकि जनता जवानों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे।