‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट जगत में मचे हड़कंप पर ईसीबी ने अब बोल लिया है। अफवाहें थीं कि आईपीएल मालिकों से जुड़ी चार टीमें नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने से परहेज करेंगी। ईसीबी ने मंगलवार को सभी आठ फ्रेंचाइजी के साथ संयुक्त बयान जारी कर इन खबरों को बकवास करार दिया।
बयान में जोर देकर कहा गया, ‘हमारा लक्ष्य क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर फैलाना और हर किसी को इसमें भागीदार बनाना है—चाहे कोई भी उसकी पृष्ठभूमि हो। राष्ट्रीयता के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जाएगा। चयन में सिर्फ क्रिकेट क्षमता, फिटनेस और टीम की आवश्यकताएं देखी जाएंगी।’
ईसीबी ने भेदभाव के खिलाफ कठोर नियमों का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि उल्लंघन पर सजा मिलेगी। नीलामी के लिए रजिस्टर 67 पाकिस्तानी खिलाड़ी अब सुरक्षित महसूस कर रहे होंगे। इतिहास गवाह है कि आईपीएल में 2008 के बाद पाकिस्तानी अनुपस्थित रहे, और ‘द हंड्रेड’ में भी पहले सीजनों में उनकी संख्या कम रही। यह बयान न केवल विवाद समाप्त करेगा, बल्कि टूर्नामेंट की चमक बढ़ाएगा।