अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा फैसले ने भारतीय सोलर उद्योग को झकझोर दिया। भारतीय सोलर आयात पर 126 प्रतिशत टैरिफ लगाने से बुधवार को संबंधित शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। सब्सिडी के कथित दुरुपयोग को आधार बनाकर यह कदम उठाया गया है।
लीडिंग कंपनी वारी एनर्जीज का शेयर शुरुआती कारोबार में 15 प्रतिशत तक गिरा, फिर थोड़ी रिकवरी के साथ 10.83 प्रतिशत नीचे 2697 रुपये पर आ गया। प्रीमियर एनर्जीज शेयर में 14 प्रतिशत की चढ़ाव आई, जो अंततः 6.19 प्रतिशत कमजोर होकर 728.95 रुपये पर रहा।
विक्रम सोलर में भी 7.76 प्रतिशत की कुल कमी दर्ज की गई, जिसमें हालिया ट्रेडिंग में 5.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 174 रुपये का स्तर था। अमेरिकी बाजार पर निर्भर इन फर्मों के लिए यह झटका गहरा है।
इसके अलावा, इंडोनेशिया और लाओस पर क्रमशः 143 और 81 प्रतिशत शुल्क लगे हैं। इन देशों ने 2025 की पहली छमाही में अमेरिका के सोलर मॉड्यूल आयात का 57 प्रतिशत प्रदान किया। भारत का 2024 निर्यात मूल्य 792.6 मिलियन डॉलर रहा, जो दो साल पहले से नौ倍 बढ़ा है।
यूएस सोलर ग्रुप की अपील पर आधारित यह नीति अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स को राहत देने का प्रयास है। भारत की सोलर कंपनियां अब घरेलू उत्पादन बढ़ाने या नए गंतव्यों की तलाश करेंगी। वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार सतर्क हो गया है।