अमेरिकी संसद में जोरदार बहस के बीच सांसदों ने ऐलान किया कि लोकतंत्र का वैश्विक प्रसार अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा का लाइफलाइन है। ट्रंप प्रशासन के पूर्व अधिकारी भी एनईडी को अमेरिकी प्रभाव का मजबूत जरिया बता रहे थे।
कैपिटल हिल की उपसमिति ने सुनवाई में विदेशों में लोकतंत्र सहायता को विदेश नीति के मुख्य लक्ष्यों तथा авторитारियन शक्तियों से टकराव से जोड़ा। एनईडी के मिशन को सुरक्षा रणनीति का अभिन्न हिस्सा घोषित किया गया।
अध्यक्ष मारियो डियाज-बालार्ट के अनुसार, एनईडी विदेश नीति को जमीन पर उतारने का कारगर साधन है। चाहे चीन-निकारागुआ में धार्मिक आजादी हो या ईरान-क्यूबा में विद्रोहियों का समर्थन, यह सब इसके अंतर्गत है।
लोकतंत्र व अधिकार हमारी कूटनीति व रक्षा का आधार हैं, उन्होंने कहा। ये कार्यक्रम दुश्मनों को चुनौती देते हैं, हित सुरक्षित करते हैं तथा स्वतंत्रता से जुड़ते हैं।
1980 के दशक की सोवियत चुनौती से जन्मी एनईडी आज के बदलते खतरे झेल रही है।
लोइस फ्रैंकल ने इसे रोकथाम की रणनीति कहा। महंगे युद्धों से बचने का यह सस्ता तरीका है। आलोचनाओं के बावजूद एनईडी की स्वायत्तता व सिद्धांत अटल हैं।
डेमन विल्सन ने बताया कि लोकतंत्र निवेश सुरक्षा को मजबूत करता है। कमजोर व्यवस्था में अराजकता पनपती है, जबकि सक्रिय नागरिक स्थिर साझेदार बनते हैं।
भू-राजनीतिक जंग में एनईडी यूक्रेन को रूस के खिलाफ खड़ा कर रहा है, चीन के दमन नेटवर्क उजागर कर रहा है तथा बोलीविया जैसे संसाधनों की रक्षा कर रहा है। 84 प्रतिशत फंड सीधे लाभार्थियों तक पहुंचता है।
शीत युद्ध के दौर में बनी यह गैर-लाभकारी संस्था लोकतंत्र की वैश्विक लड़ाई लड़ रही है।