मधेपुरा रेलवे स्टेशन की ठंडी रात में दो मासूम बच्चियां अपनी मां के शव के पास बैठी रहीं। बड़ी बेटी ने मां का सिर अपनी गोद में रखा था, मानो उसे सुला रही हो। छोटी ने बार-बार ‘अम्मी उठो’ पुकारा, फिर रोते-रोते सो गई। पिता का वादा था- पांच मिनट में आना। लेकिन वे नहीं लौटे।
यह दर्दनाक दृश्य देख लोगों ने चादर हटाई तो काजल कुमारी मरी हुई मिलीं। 25 वर्षीय काजल ने आठ वर्ष पूर्व मुर्शिद से भागकर शादी की थी। परिवार त्याग दिया। मुंबई कमाने गए पति के बाद फोन पर अंजार से प्रेम हुआ।
काजल घर छोड़कर अंजार संग रहने लगी। गर्भ ठहरा तो रिश्ता तूफान में बदल गया। अंजार बच्चे को नहीं मान रहा था। मंगलवार को ऑटो से स्टेशन लाए, तबीयत खराब बताकर छोड़ भागे। बच्चे रात भर इंतजार करते रहे।
सुबह हंगामा मचा, जीआरपी पहुंची। शव पोस्टमॉर्टम को भेजा। गले के निशान से हत्या या सुसाइड की जांच। अंजार गायब, पुलिस हर तरफ तलाश रही। परिवार को खबर दी गई। यह कहानी शादी के पीछे छिपे अफसोस और सोशल मीडिया के जाल को उजागर करती है। दो मासूमों का भविष्य अब अनिश्चित।