कांग्रेस में दिए गए भाषण में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोरदार तरीके से दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर हथियारों की महत्वाकांक्षा को ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ से चूर-चूर कर दिया। ईरानी धरती पर सीधे हमलों ने इस खतरे को जड़ से उखाड़ फेंका।
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि परमाणु हथियारों से लैस ईरान—जो वैश्विक आतंक का सरपरस्त है—कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कूटनीति पसंदीदा रास्ता है, मगर सुरक्षा सर्वोपरि। यह कार्रवाई ‘शक्ति के जरिए शांति’ नीति का प्रतीक है, जिसे एक ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक बजट से मजबूती मिली।
नाटो देशों के 5 प्रतिशत जीडीपी रक्षा खर्च पर सहमति को ट्रंप ने अभूतपूर्व बताया, जो पुराने 2 प्रतिशत मानक को पीछे छोड़ गया।
वेनेजुएला में अमेरिकी सेनाओं की जीत का ब्योरा देते हुए उन्होंने मादुरो के शासन का पतन, उसकी गिरफ्तारी और नई नेता डेल्सी रोड्रिगेज के साथ आर्थिक साझेदारी का जिक्र किया।
नशे के सौदागरों पर प्रहार तेज करते हुए कार्टेलों को आतंकी ठहराया और फेंटानिल को विनाशकारी हथियार घोषित किया। सैन्य प्रयासों से तस्करी की राहें अवरुद्ध हो गईं।
पहले दस महीनों में आठ युद्धों का अंत—कंबोडिया-थाईलैंड से इजरायल-ईरान तक—ट्रंप के दावे का आधार बने। रूस-यक्रेन संकट को जल्द सुलझाने का संकल्प व्यक्त किया।